Friday, 4 October 2013

नारी तुम हो प्रकृति का सबसे सुन्दर रूप.




सागर , सरिता , निर्झर , मरू

कलरव करते विहग.

सुन्दर फूल , गिरि , तरु

अरुणाई उषा की.

रजनी से मिलन  शशि का.

जल,  वर्षा , इन्द्रधनुष,

कोटि जीव , वीर पुरुष. 

सब कितना मंजुल  जग में

प्रकृति का रूप अनूप,

लेकिन,

नारी, तुम हो जगत में

प्रकृति का सबसे सुन्दर रूप.

...... नीरज कुमार 'नीर'
#neeraj_kumar_neer 

चित्र गूगल से साभार 

28 comments:

  1. सच लिखा है. और उनमे सबसे प्यारा रूप माँ का. जिसपर लिखते रह जायें और कविता छोटी पड़ती रहे.

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  2. बहुत सुन्दर मन के भाव। बधाई

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  3. सुन्दर प्रस्तुति-
    प्रभावी-
    आभार नीरज जी -

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  4. मन के भावों की बहुत सुंदर प्रस्तुति.!

    RECENT POST : पाँच दोहे,

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  5. प्रकृति के सुन्दर रूप पर ...एक सुन्दर रचना...

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  6. Suresh RaiOctober 5, 2013 at 6:40 PM

    बहुत सुन्दर प्रस्तुति
    सुरेश राय
    कभी यहाँ भी पधारें और टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें
    http://mankamirror.blogspot.in

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  7. बहुत खुबसूरत रचना.....

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  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति, नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं .

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  9. सच में नीरज जी बिना इसके सृष्टि ही अधूरी हो जाती है सुन्दर भाव और प्रकृति का चित्रण
    भ्रमर ५

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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - सोमवार - 07/10/2013 को
    अब देश में न आना तुम गाधी
    - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः31
    पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें, सादर .... Darshan jangra


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  11. बेह्तरीन अभिव्यक्ति!!शुभकामनायें.

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  12. नारी के सुखद साथ से ये सभी चीजें ओर भी सुन्दर लगती हैं तो नारी तो ओने आप में ही इन सब से सुन्दर हो गई ... सुन्दर अभिव्यक्ति ...

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  13. नारी अस्तित्वा की सुन्दर अभियक्ति नीरज जी ..

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  14. बहुत ही सुन्दर व कोमल रचना।

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  15. सच कहती बहुत प्यारी व कोमल कविता।

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  16. सब कितना मंजुल जग में
    प्रकृति का रूप अनूप,
    --------------------------wah / v nc

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  17. It is a beautiful composition and very good use of words.

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  18. bahut sundar rachna hai..
    aap sabhi ka mere blog par swagat hai..
    http://iwillrocknow.blogspot.in/

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  19. नारी के अनेक रूप | हर रूप मनमोहक, सहनशील, संघर्षरत, सुन्दर व् ममतामय |
    सुन्दर रचना |

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  20. behtareen likha hai aapne..waah

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  21. सुन्दर प्रस्तुति

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आपकी टिप्पणी मेरे लिए बहुत मूल्यवान है. आपकी टिप्पणी के लिए आपका बहुत आभार.

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