Saturday, 15 March 2014

नजरिया के तीर : होली गीत

सुनिए पढिये और फाल्गुन का आनंद लीजिये :

नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ
कर कर के इशारे ना हमको बुलाओ.
नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ.

चुनरी के छोर में लपेट के अंगुरी
अधरों  के कोरों को यूँ ना चबाओ.
नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ.

पहनी है पायल तो हौले से चलना
कर के छमाछम मेरा जी ना जराओ.
नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ.

होली के मौसम में गर्म भई  हावा
अब गिरा के दुपट्टा  ना आग लगाओ.
नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ ..
(#होली की शुभकामनाएं)
.. #नीरज कुमार नीर 
#neeraj_kumar_neer 

#holi #होली #payal #love #holi_geet 

14 comments:

  1. ***आपने लिखा***मैंने पढ़ा***इसे सभी पढ़ें***इस लिये आप की ये रचना दिनांक 17/03/2014 यानी आने वाले इस सौमवार को को नयी पुरानी हलचल पर कुछ पंखतियों के साथ लिंक की जा रही है...आप भी आना औरों को भी बतलाना हलचल में सभी का स्वागत है।


    एक मंच[mailing list] के बारे में---


    एक मंच हिंदी भाषी तथा हिंदी से प्यार करने वाले सभी लोगों की ज़रूरतों पूरा करने के लिये हिंदी भाषा , साहित्य, चर्चा तथा काव्य आदी को समर्पित एक संयुक्त मंच है
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    हिंदी व देवनागरी के क्षेत्र में होने वाली खोज, अनुसन्धान इत्यादि के बारे मेंहिंदी प्रेमियों को अवगत करना.
    हिंदी साहितिक सामग्री का आदान प्रदान करना।
    अतः हम कह सकते हैं कि एकमंच बनाने का मुख्य उदेश्य हिंदी के साहित्यकारों व हिंदी से प्रेम करने वालों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां उनकी लगभग सभी आवश्यक्ताएं पूरी हो सकें।
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    [अगर आप ने अभी तक मंच की सदस्यता नहीं ली है, मेरा आप से निवेदन है कि आप मंच का सदस्य बनकर मंच को अपना स्नेह दें।]

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  2. सुंदर होली गीत ...!
    होली की हार्दिक शुभकामनायें ।
    RECENT POST - फिर से होली आई.

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  3. अहा, बहुत सुन्दर, होली की शुभकामनायें।

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  4. अब होली है तो काहे कि शिकायत ... तीर नज़र के हों या किसी ओर के ...
    लाजवाब भाव भरी रचना ... होली कि बधाई ...

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  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    रंगों के पर्व होली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  6. आभार आपका अभी जी ..

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  7. वाह...सामयिक और सुन्दर पोस्ट.....आप को भी होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं...
    नयी पोस्ट@हास्यकविता/ जोरू का गुलाम

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  8. बहुत सुन्दर लोकरचना :

    नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ
    कर कर के इशारे ना हमको बुलाओ.
    नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ.

    चुनरी के छोर में लपेट के अंगुरी
    अधरों के कोरों को यूँ ना चबाओ.
    नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ.

    पहनी है पायल तो हौले से चलना
    कर के छमाछम मेरा जी ना जराओ.
    नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ.
    ...
    होली के मौसम में गर्म भई हावा
    अब गिरा के दुपट्टा ना आग लगाओ.

    नजरिया के तीर सनम धीरे चलाओ ..
    (होली की शुभकामनाएं)
    .. नीरज कुमार नीर

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  9. वाह नीरज भाई , बेहतरीन प्रस्तुति , होली की शुभकामनाएँ , धन्यवाद
    नया प्रकाशन -: बुद्धिवर्धक कहानियाँ - ( ~ अतिथि-यज्ञ ~ ) - { Inspiring stories part - 2 }
    बीता प्रकाशन -: होली गीत - { रंगों का महत्व }

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  10. अच्छा लगा आपकी आवाज़ में यह होली गीत सुनकर.

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  11. आप सबका हार्दिक आभार ..

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आपकी टिप्पणी मेरे लिए बहुत मूल्यवान है. आपकी टिप्पणी के लिए आपका बहुत आभार.

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