रूकती
नहीं है
माँ
है मेरी वो
थकती
नहीं है
निष्काम निरंतर
लेती
है मेरी हर
कष्ट हर
किसी
से कुछ भी
कहती
नहीं है
चाँद
डूबने से पहले
चाँद
चढ़ जाने तक
खग के उठने से पहले
सबके
सो जाने तक
रहती
दौड़ती
ठहरती
नहीं है
खाना पीना राशन वासन
कपड़े
लत्ते दीये दवाई
शिक्षा
दीक्षा नाते रिश्ते
पूजा
पंडित सर सफाई
निभाती
है सभी
ऊबती
नहीं है
चलती अहर्निश
रूकती नहीं है
माँ है मेरी वो
थकती नहीं है...
.........
नीरज कुमार नीर .........
neeraj kumar neer
चाँद का डूबना यानि सुबह होना ....
चाँद का चढ़ना यानि देर रात हो जाना।







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